Mangalvar Vrat Katha (मंगलवार व्रत कथा) - 428
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Shiv Datt Mishr Shastri - Hindi & Sanskrit - Rupesh Thakur Prasad Prakashan
Mangalvar Vrat Katha (मंगलवार व्रत कथा) 428
मंगलवार व्रत कथा (Mangalvar Vrat Katha) ग्रहों में मंगल ग्रह की प्रधानता सर्वविदित है। स्कन्द पुराण में लिखा है कि, भूलोकवासी मनुष्यों की तो बात ही क्या, देवता, दानव, गन्धर्व, यक्ष, राक्षसादि भी ग्रहों की पीड़ा से पीड़ित होते हैं। मंगलदेव के प्रकुपित होने से भगवान् श्रीराम को राज्य से वञ्चित होकर, वनवासी होना पड़ा। अतः इनकी शान्ति के लिए स्तोत्र-पाठ, व्रत-कथा, मन्त्र जप एवं यन्त्र-धारण आदि करना परम कल्याणदायक है। इसके लिए मेरे द्वारा सम्पादित ‘ऋणमोचन-मङ्गल-स्तोत्र’ बहुत ही उपयोगी सिद्ध हुआ है।
Author : Shiv Datt Mishr Shastri
Prakashan : Rupesh Thakur Prasad Prakashan
Language : Hindi & Sanskrit
Edition : 2016
Pages : 24
Cover : Paper Back
ISBN : -
Size : 26 x 0.5 x 13 (l x w x h)
Weight :
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